NFC क्या होता है ? पूरी जानकारी | What is NFC? Complete information |
NFC क्या होता है ? पूरी जानकारी | What is NFC? Complete information
NFC क्या है ? दोस्तों अब ब्लूटूथ या वाईफाई टेक्नोलॉजी के बारे में तो जानते ही होंगे लेकिन एनएससी के बारे में शायद ही जानते होंगे एनएफसी डाटा ट्रांसफर ऑनलाइन पेमेंट देते काम कुछ ही सेकंड में कर देती है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे की NFC क्या होता है ?
आजकल जितने भी डिवाइस आते हैं उसमें वाईफाई या ब्लूटूथ सर्विस पहले से ही होती है। ब्लूटूथ को कनेक्ट करने के लिए हमें दूसरे के डिवाइस में भी ब्लूटूथ ऑन करना पड़ता है। फिर उन दोनों डिवाइस को आपस में बैर करना पड़ता है। लेकिन एनएफसी में ऐसा नहीं होता। यदि आप अपने डिवाइस को किसी दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करना चाहते हैं। एनएफसी के माध्यम से तो आपके मोबाइल में एनएफसी होना ही चाहिए साथ ही दूसरे वाले व्यक्ति के डिवाइस में भी एनएफसी होना ही चाहिए। एक ऐसा कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी है जिसे आप 4 या 5 सेंटीमीटर दूरी से दो डिवाइस को आपस में कनेक्ट कर सकते हैं। एनएच की एनएससी की मदद से ब्लूटूथ की तुलना में 106 केबीपीएस से लेकर 424 केबीपीएस की स्पीड से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। अब हम जानेंगे कि
एनएफसी से कई प्रकार के काम किए जा सकते हैं
पीर टो पीर मोड
इस मोड का सबसे ज्यादा यूज किया जाता है यह दो एनएससी डिवाइस के बीच इंफॉर्मेशन को एक्सचेंज करने का काम करता है। इस मेड में जब डाटा सेंड किया जाता है तो डिवाइस एक्टिव मोड में रहते हैं और डाटा रिसीव करते समय डिवाइस स्पेसी मोड में रहते हैं।
रीडर राइडर मोड
एनएफसी टेक के लिए यूज होता है यह वन वे डाटा ट्रांसमिशन होता है। इसमें एक्टिव डिवाइस दूसरे डिवाइस के साथ link करता है उस डिवाइस इंफॉर्मेशन को पढ़ने के लिए।
कार्ड एमूलेशन मोड।
इस मोड को पेमेंट के लिए एक स्मार्ट कार्ड के रूप में यूज किया जा सकता है जिससे कि पेमेंट किया जा सकता है। पेमेंट करने के लिए अपने डिवाइस को दूसरे व्यक्ति के डिवाइस के करीब ले जाना पड़ता है ।
एनएससी की मदद से डाटा ट्रांसफर करने के लिए सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में एनएफसी ऑन करना होगा। उसके बाद आपको उन फाइल सेलेक्ट करना होगा जो कि आप एनएफसी के माध्यम से दूसरे डिवाइस में भेजना चाहते हैं। अब उस मोबाइल को जिसमें आप एनएफसी के माध्यम से फाइल भेजना चाहते हैं और अपने मोबाइल को एक दूसरे से टच करना होगा एक दूसरे से टच करने के बाद एक मोबाइल आपस में पेअर हो जाएंगे। इनको पेअर करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बाद जिस डिवाइस से डाटा शेयर किया जा रहा है उस पर एक टू बीम का ऑप्शन आएगा तो आपको उस पर क्लिक करना है। उसके बाद ज्यादा ट्रांसफरिंग शुरू हो जाएगी। और आपका डाटा ट्रांसफर हो जाएगा।
एनएफसी के माध्यम से आप पेमेंट भी कर सकते हैं इसके लिए आपको अपना डेबिट कार्ड कहीं ले जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने एनएफसी डिवाइस को ही कहीं भी लेकर जा सकते हैं पेमेंट करने के लिए पेमेंट करने के लिए आपको अपने डिवाइस में एनएफसी ऑन करना होगा और उस कार्ड की डिटेल डाली होगी जिससे आपको पेमेंट करना है। उसके बाद स्वाइप मशीन से टच करके आपको पेमेंट कर सकते हैं।
तो दोस्तों आप जान गए होंगे की NFC से क्या-क्या किया जा सकता है? अब हम जानेंगे कि एनएफसी कितने प्रकार का होता है? यह मुख्य दो प्रकार से होता है |
आजकल जितने भी डिवाइस आते हैं उसमें वाईफाई या ब्लूटूथ सर्विस पहले से ही होती है। ब्लूटूथ को कनेक्ट करने के लिए हमें दूसरे के डिवाइस में भी ब्लूटूथ ऑन करना पड़ता है। फिर उन दोनों डिवाइस को आपस में बैर करना पड़ता है। लेकिन एनएफसी में ऐसा नहीं होता। यदि आप अपने डिवाइस को किसी दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करना चाहते हैं। एनएफसी के माध्यम से तो आपके मोबाइल में एनएफसी होना ही चाहिए साथ ही दूसरे वाले व्यक्ति के डिवाइस में भी एनएफसी होना ही चाहिए। एक ऐसा कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी है जिसे आप 4 या 5 सेंटीमीटर दूरी से दो डिवाइस को आपस में कनेक्ट कर सकते हैं। एनएच की एनएससी की मदद से ब्लूटूथ की तुलना में 106 केबीपीएस से लेकर 424 केबीपीएस की स्पीड से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। अब हम जानेंगे कि
NFC क्या होता है ? एनएफसी कैसे use करते हैं?
एनएफसी से कई प्रकार के काम किए जा सकते हैं
- पहला फाइल ट्रांसफर करने के लिए
- दूसरा एनएफसी टैक्स पढ़ने के लिए
- तीसरा पेमेंट करने के लिए।
पीर टो पीर मोड
इस मोड का सबसे ज्यादा यूज किया जाता है यह दो एनएससी डिवाइस के बीच इंफॉर्मेशन को एक्सचेंज करने का काम करता है। इस मेड में जब डाटा सेंड किया जाता है तो डिवाइस एक्टिव मोड में रहते हैं और डाटा रिसीव करते समय डिवाइस स्पेसी मोड में रहते हैं।
रीडर राइडर मोड
एनएफसी टेक के लिए यूज होता है यह वन वे डाटा ट्रांसमिशन होता है। इसमें एक्टिव डिवाइस दूसरे डिवाइस के साथ link करता है उस डिवाइस इंफॉर्मेशन को पढ़ने के लिए।
कार्ड एमूलेशन मोड।
इस मोड को पेमेंट के लिए एक स्मार्ट कार्ड के रूप में यूज किया जा सकता है जिससे कि पेमेंट किया जा सकता है। पेमेंट करने के लिए अपने डिवाइस को दूसरे व्यक्ति के डिवाइस के करीब ले जाना पड़ता है ।
NFC का इस्तेमाल किन कार्यो में होता हैं ?
डेटा ट्रांसफर के लिए
एनएससी की मदद से डाटा ट्रांसफर करने के लिए सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में एनएफसी ऑन करना होगा। उसके बाद आपको उन फाइल सेलेक्ट करना होगा जो कि आप एनएफसी के माध्यम से दूसरे डिवाइस में भेजना चाहते हैं। अब उस मोबाइल को जिसमें आप एनएफसी के माध्यम से फाइल भेजना चाहते हैं और अपने मोबाइल को एक दूसरे से टच करना होगा एक दूसरे से टच करने के बाद एक मोबाइल आपस में पेअर हो जाएंगे। इनको पेअर करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बाद जिस डिवाइस से डाटा शेयर किया जा रहा है उस पर एक टू बीम का ऑप्शन आएगा तो आपको उस पर क्लिक करना है। उसके बाद ज्यादा ट्रांसफरिंग शुरू हो जाएगी। और आपका डाटा ट्रांसफर हो जाएगा।
NFC फ़ॉर पेमेंट्स
एनएफसी के माध्यम से आप पेमेंट भी कर सकते हैं इसके लिए आपको अपना डेबिट कार्ड कहीं ले जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने एनएफसी डिवाइस को ही कहीं भी लेकर जा सकते हैं पेमेंट करने के लिए पेमेंट करने के लिए आपको अपने डिवाइस में एनएफसी ऑन करना होगा और उस कार्ड की डिटेल डाली होगी जिससे आपको पेमेंट करना है। उसके बाद स्वाइप मशीन से टच करके आपको पेमेंट कर सकते हैं।
तो दोस्तों आप जान गए होंगे की NFC से क्या-क्या किया जा सकता है? अब हम जानेंगे कि एनएफसी कितने प्रकार का होता है? यह मुख्य दो प्रकार से होता है |
- पहला एक्टिव एनएफसी डिवाइस - एक्टिव एनएफसी डिवाइस की मदद से आप अपने डिवाइस का डाटा सेंड भी किया जा सकता है और रिसीव भी किया जा सकता है।
- दूसरा पैसिव एनएफसी डिवाइस- इस डिवाइस की मदद से सिर्फ इनफॉरमेशन को शेयर किया जा सकता है। क्योंकि इसमें। पावर PROCESS Source नहीं होती। और यह किसी भी डिवाइस को प्रोसेस नहीं कर पाते हैं।
एनएफसी के फायदे।
- एनएफसी को कई तरीके से यूज किया जा सकता है और यही इसे सबसे खास बनाती है जैसे कि बैंक कार्ड की यूज़ में रिमोट सिस्टम मूवीस पास इन सभी सिचुएशन के लिए एनएफसी को बनाया गया है।
- एनएससी का उपयोग आपने कब और कैसे किया है कितना किया है? इसकी जानकारी को आप देख सकते हैं जिससे आप बहुत से कामों को मेंटेन कर सकते हैं।
- आप अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी एनएफसी की मदद से सेव कर सकते हैं ताकि यदि आपका वेट कर चोरी हो जाए तो उसमें एक राखी कार्ड की जानकारी चोरों तक न पहुंच पाए। आप अपने डिवाइस में एनएससी के सभी डिटेल्स को सेव करने के रखने से यदि आपका डिवाइस चोरों तक पहुंच भी जाए तो डिवाइस में लगे पासवर्ड की मदद से वे आपकी कार्ड की जानकारी नहीं निकाल सकते।
- एनएफसी डिवाइस की मदद से आप एक टच में पेमेंट कर सकते हैं।
एनएफसी के नुकसान।
- एनएससी टेक्नोलॉजी दूसरी टेक्नोलॉजी से बहुत महंगी है। जिसके कारण ऐसे बहुत कम मोबाइल कंपनी ने अपनाया है।
- एनएफसी के माध्यम से आप किसी भी चीज की जानकारी अपने डिवाइस में सेव रख सकते हैं। लेकिन यदि आपका डिवाइस चोरी हो जाए चाहे खो जाए तो उसमें से एनएससी डाटा निकाला जा सकता है

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