Spiral Model in Hindi
Spiral Model in Hindi
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स्पाइरल मॉडल क्या है ?
Spiral model को सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल मॉडल में से एक माना जाता है. स्पाइरल मॉडल रिस्क हैंडलिंग के लिए सहायता प्रदान करता है, इसको 1985 में BOHEM ने प्रस्तावित किया था. Spiral model को Spiral इसलिए कहतें है, क्योकि यह model घुमावदार है, इस model में Waterfall model और Prototype model दोनों आते है, अर्थात यह मॉडल Waterfall model और Prototype model दोनों का संयोजन है. आपकी जानकारी के लिए बता दे इस मॉडल का इस्तेमाल बड़े projects के लिए किया जाता है, छोटे projects में इसका इस्तेमाल नही किया जाता, क्योकि model बहुत ही खर्चीला होता है।
Spiral Model एक waterfall model और iterative model का एक combination है. Spiral Model में प्रत्येक चरण एक डिजाइन लक्ष्य के साथ शुरू होता है, और ग्राहक की प्रगति की समीक्षा के साथ समाप्त होता है. Spiral Model का उल्लेख पहली बार बैरी बोहम ने अपने सन 1986 के पेपर में किया था।
यह बड़ी और उच्च जोखिम वाली परियोजनाओं के लिए सबसे पसंदीदा Software Development लाइफ साइकिल मॉडल में से एक है, विकास की पूरी प्रक्रिया को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित किया जाता है, जो पूरी परियोजना के पूरा होने तक दोहराते रहते हैं. ये चरण उद्देश्यों को निर्धारित कर रहे हैं, जोखिमों का मूल्यांकन, उत्पाद का विकास और अगले चरण की योजना बना रहे हैं, इस पूरी प्रक्रिया को एक Spiral diagram में दर्शाया गया है, और इस प्रकार इसे Spiral Model के रूप में जाना जाता है।
Spiral Model Phases in Hindi
अगर बात करे Spiral Model Phases की तो इसमें निम्नलिखित 4 phases होते है −
Planning
Risk analysis
Engineering
Evaluation
Planning
Planning Phase में आपकी जितनी भी requirements होती है, उन सबको एक जगह एकत्रित किया जाता है. Planning phase में आप सॉफ्टवेयर का use करके क्या achieve कराना चाहते है, या उसके goals क्या है, ये सब discuss करते है।
Risk analysis
अगर बात करे Risk analysis की तो इस Phase में हम जितने भी Risk है. उनको सब को आसानी के identify किया जाता है, अगर कोई Risk मिलता है, तो उसका solution निकाला जाता है।
Engineering
Engineering Phase में coding के साथ साथ टेस्टिंग भी की जाती है. इसी Phase के अंदर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पूरी प्रक्रिया आती है।
Evaluation
इस Phase में जो भी Software बनके तैयार हुआ है, उसको customer evaluate करते है तथा अपना feedback देते है।
Spiral Model का उपयोग कब करें?
जब प्रोजेक्ट बहुत बड़ा हो.
जब रिलीज के लिए लगातार होना आवश्यक है.
जब एक prototype का creation लागू होता है.
जब जोखिम और costs मूल्यांकन महत्वपूर्ण है.
Medium से high-risk वाली परियोजनाओं के लिए.
जब आवश्यकताएं अस्पष्ट और जटिल होती हैं.
जब किसी भी समय परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है.
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